ईएसए ने रेंडेवू-डॉकिंग इंटरफेस के नए हार्डवेयर परीक्षण किए

  • ईएसए ने एस्टेक में रेंडेवू और डॉकिंग इंटरफेस के नए हार्डवेयर परीक्षण किए।
  • जीआरएएलएस में 33 मीटर लंबी पटरियों पर दो रोबोटिक आर्म से रेंडेवू सिमुलेशन हुआ।
  • डॉकिंग तंत्र चार सेंटीमीटर दूरी से शुरू होकर क्लाइंट के पैसिव कैप्चर इंटरफेस से लॉक हुआ।
  • परीक्षण में ईंधन भरने और बिजली-डेटा स्थानांतरण के लिए दो पोर्ट जोड़े गए।
  • ईएसए सभी निर्माताओं के लिए खुले, परस्पर संचालनीय और मॉड्यूलर मानक विकसित कर रहा है।

क्या हुआ

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने रेंडेवू और डॉकिंग इंटरफेस के लिए नए हार्डवेयर परीक्षण किए हैं। ये परीक्षण नीदरलैंड स्थित एजेंसी के तकनीकी केंद्र एस्टेक में हुए।

हम क्या जानते हैं

ईएसए एक टिकाऊ भविष्य पर काम कर रही है जिसमें उपग्रह और अंतरिक्ष यान रेंडेवू, डॉकिंग, ईंधन भरना, मरम्मत, पुनः-कैलिब्रेशन और नए मिशनों के लिए अनिश्चित काल तक पुन: उपयोग की क्षमता रखें। एजेंसी सभी अंतरिक्ष यान निर्माताओं के लिए खुला, परस्पर संचालनीय और मॉड्यूलर पारिस्थितिकी तंत्र के मानक विकसित कर रही है।

उद्योग के साथ मिलकर एजेंसी ऐसे इंटरफेस विकसित और परख रही है जिनसे उपग्रह पास आकर एक-दूसरे को पहचान सकें और डॉक हो सकें। द एक्सप्लोरेशन कंपनी की भागीदारी सेनर, जीएमवी, अलमाटेक, थैलेस एलेनिया स्पेस और सीडीएस के साथ है।

नए हार्डवेयर परीक्षण एस्टेक में हुए, जो नीदरलैंड में एजेंसी का तकनीकी केंद्र है। रेंडेवू परीक्षण एजेंसी की गाइडेंस, नेविगेशन एंड कंट्रोल लैबोरेटरी में आयोजित हुआ।

जीआरएएलएस में 33 मीटर लंबी पटरियों पर दो रोबोटिक आर्म लगे हैं। एक आर्म पर पास आने वाले अंतरिक्ष यान का नेविगेशन यूनिट था, जिसे द एक्सप्लोरेशन कंपनी ने विकसित किया था; दूसरे आर्म पर फ्रांस में बना थैलेस एलेनिया स्पेस का लक्ष्य क्लाइंट यान का स्केल मॉडल था।

रेंडेवू सिमुलेशन के डॉकिंग हिस्से को एजेंसी की ऑर्बिटल रोबोटिक्स लैबोरेटरी संभालती है। सर्विसर का अनुकरण करने वाला प्लेटफॉर्म करीब 180 किलोग्राम का था, और उसके हर ओर 20 किलोग्राम का अतिरिक्त वजन लगा था।

सर्विसर का डॉकिंग तंत्र चार सेंटीमीटर की दूरी से शुरू हुआ और क्लाइंट के पैसिव कैप्चर इंटरफेस से लॉक हो गया। दो पोर्ट—एक ईंधन भरने के लिए और दूसरा बिजली व डेटा स्थानांतरण के लिए—अपने समकक्षों से जुड़े।

रेंडेवू परीक्षण में दो कैमरा प्रणालियाँ आज़माई गईं, जो सर्विसिंग वाहन को सैकड़ों मीटर से कुछ सेंटीमीटर की दूरी तक लाईं। नेविगेशन प्रणाली का कैमरा लक्ष्य यान के इंटरफेस वाले हिस्से पर लगे काले-सफेद मार्करों को पकड़ता है, जो क्यूआर कोड जैसे दिखते हैं।

अंतरिक्ष यान के मॉडलों को एक लंबे अंधेरे कमरे में रखा गया, जहाँ सूरज की नकल के लिए केवल एक लैंप जल रहा था। एयर बेयरिंग्स फर्श की ओर हवा फेंककर माइक्रोमीटर स्तर की हवा की परत बनाते हैं, जिससे प्लेटफॉर्म बिना घर्षण के तैरते हैं।

यह क्यों अहम है

चंद्र उद्योग पर नज़र रखने वाले पाठकों के लिए यह इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि ईएसए रेंडेवू, डॉकिंग, ईंधन भरना, मरम्मत, पुनः-कैलिब्रेशन और पुन: उपयोग जैसी क्षमताओं को टिकाऊ भविष्य के रूप में आगे बढ़ा रही है।

सभी निर्माताओं के लिए खुले, परस्पर संचालनीय और मॉड्यूलर मानक विकसित करने का काम साझा इंटरफेस और संगतता की दिशा स्पष्ट करता है, जो चंद्र उद्योग में अंतरिक्ष यान सेवाओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

स्रोत

  1. 1.ESA Space Transportation

यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है