SPHEREx ने 37 पास के ब्राउन ड्वार्फ़्स के वायुमंडल का विश्लेषण किया
- SPHEREx के इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रा से 37 पास के ब्राउन ड्वार्फ़्स में पानी, कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और मीथेन मिले।
- SPHEREx मार्च 2025 में लॉन्च हुआ और यह JPL से जुड़ा इन्फ्रारेड स्पेस टेलीस्कोप है।
- यह दूरबीन डीप रेड और इन्फ्रारेड तरंगदैर्ध्य में प्रति दिन 3600 अद्वितीय छवियाँ बनाती है।
- ब्राउन ड्वार्फ़्स हाइड्रोजन फ्यूज़न के लिए पर्याप्त भारी नहीं होते; अब तक कुछ ही दर्जन का विस्तार से अध्ययन हुआ।
- नतीजे The Astrophysical Journal में प्रकाशित हुए हैं।
क्या हुआ
SPHEREx के अवलोकनों से 37 पास के ब्राउन ड्वार्फ़्स का विश्लेषण किया गया है।
इनके वायुमंडल में पानी, कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और मीथेन पाए गए हैं।
यह नतीजे The Astrophysical Journal में प्रकाशित हुए हैं।
हम क्या जानते हैं
SPHEREx का लॉन्च 2025-03 में हुआ और यह JPL से जुड़ा है।
यह इन्फ्रारेड स्पेस टेलीस्कोप ऑर्बिट से काम करता है और डीप रेड तथा इन्फ्रारेड तरंगदैर्ध्य में अवलोकन करता है।
दूरबीन 102 रंगों की क्षमता रखती है और प्रति दिन 3600 अद्वितीय छवियाँ बनाती है।
अवलोकनों में 37 पास के ब्राउन ड्वार्फ़्स का विश्लेषण किया गया; SPHEREx ब्राउन ड्वार्फ़्स की खोज के लिए एक साइड प्रोजेक्ट है।
स्पेक्ट्रा से पता चला कि इनके वायुमंडल रासायनिक रूप से समृद्ध हैं और उनमें पानी, कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड तथा मीथेन हैं।
ब्राउन ड्वार्फ़्स हाइड्रोजन फ्यूज़न बनाए रखने के लिए पर्याप्त भारी नहीं होते; अब तक कुछ ही दर्जन का अंतरिक्ष-आधारित दूरबीनों से विस्तार से अध्ययन हुआ है।
ये बृहस्पति और शनि से विशेषताएँ साझा करते हैं; इनका तापमान 4,000 से माइनस 10 डिग्री फ़ारेनहाइट के बीच बताया गया है।
यह क्यों अहम है
यह रिपोर्ट ऑर्बिट से इन्फ्रारेड और डीप रेड तरंगदैर्ध्य में लिए गए स्पेक्ट्रा से ब्राउन ड्वार्फ़्स के रासायनिक वायुमंडल पहचानने की क्षमता दिखाती है।
चंद्र उद्योग के लिए प्रासंगिक बात यह है कि यह इन्फ्रारेड स्पेस टेलीस्कोप ऑर्बिट से प्रति दिन 3600 अद्वितीय छवियाँ बनाता है और इसके डेटा से निकटवर्ती ब्राउन ड्वार्फ़्स की रासायनिक पहचान हुई है।
स्रोत
यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है