टेगज़ा 001 मंगल की प्राचीन परत का नमूना बताया गया
Science में प्रकाशित अध्ययन ने टेगज़ा 001 का प्रारंभिक वर्णन किया है; यह 4.1 अरब वर्ष से अधिक पुराना मंगलीय उल्का और ऐसे क्षेत्र की परत का टुकड़ा बताया गया है, जहाँ से पहले कोई नमूना नहीं मिला था।
- टेगज़ा 001 मंगल की परत का पहला टुकड़ा है, जो पहले नमूना न लिए गए क्षेत्र से आया है।
- इस मंगलीय उल्का की आयु 4.1 अरब वर्ष से अधिक और वजन लगभग 800 ग्राम बताया गया है।
- न्यू मेक्सिको विश्वविद्यालय ने ऑक्सीजन समस्थानिकों के आधार पर इसे मंगलीय उल्का पहचाना।
- इसके खनिज दक्षिणी ऊंचे क्षेत्रों में Mars Reconnaissance Orbiter के अवलोकनों से मेल खाते हैं।
क्या हुआ
Science में प्रकाशित अध्ययन ने टेगज़ा 001 नामक मंगलीय उल्का का प्रारंभिक वर्णन किया है। इसे मंगल की परत का पहला ऐसा टुकड़ा बताया गया है, जो पहले कभी नमूना न लिए गए क्षेत्र से आया है।
हम क्या जानते हैं
अध्ययन Science में प्रकाशित हुआ और इसमें टेगज़ा 001 का प्रारंभिक वर्णन किया गया। एक अलग Science Advances पेपर ने उल्का के जल-अंश का विवरण दिया।
टेगज़ा 001 को मंगल का टुकड़ा और अब तक खोजे गए सबसे पुराने मंगलीय उल्काओं में से एक बताया गया है। यह पृथ्वी पर मिले तीन सबसे प्राचीन मंगलीय उल्काओं में भी गिना गया है।
इसकी आयु 4.1 अरब वर्ष से अधिक बताई गई है; चट्टान के एक स्लाइस का उपयोग आयु निर्धारण के लिए किया गया। इसका वजन लगभग 2 पाउंड (800 ग्राम) है।
यह लगभग 435 मंगलीय उल्काओं में से एक है। न्यू मेक्सिको विश्वविद्यालय ने ऑक्सीजन समस्थानिकों के आधार पर इसे मंगलीय पहचाना।
उल्का में अनोखी बनावट, प्राचीन आयु और आग्नेय खनिज बताए गए हैं। इसकी परत मैग्मा के ठंडा होने से बनी और बाद में भूजल ने उसे बदला।
इसका खनिज-विज्ञान दक्षिणी ऊंचे क्षेत्रों में Mars Reconnaissance Orbiter के अवलोकनों से मेल खाता है। खनिज और रसायन के आधार पर कई संभावित स्थान भी मेल खाते हैं।
मुख्य लेखक यांग लियू नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी से हैं। ली सेपर का संबंध JPL और नासा के एम्स रिसर्च सेंटर से है।
मंगलीय उल्का प्रभाव से मंगल से निकलकर पृथ्वी पर आते हैं और अक्सर रेगिस्तान या बर्फीले मैदानों में संग्रहकर्ताओं को मिलते हैं। उनकी पुष्टि नासा के मंगल मिशन डेटा से खनिज और रासायनिक तुलना द्वारा की जाती है।
यह क्यों अहम है
टेगज़ा 001 मंगल के उस हिस्से की परत का पहला टुकड़ा है, जहाँ से पहले कोई नमूना नहीं मिला था। यह कक्षीय अवलोकनों और पृथ्वी पर मिले नमूने के बीच सीधा संबंध दिखाता है।
जल-अंश और भूजल से बदली परत के विवरण प्राचीन मंगल सतह की स्थितियों को समझने का आधार देते हैं। दूरस्थ खनिज पहचान और नमूना सत्यापन की यह प्रक्रिया चंद्र सतह संसाधनों की निगरानी करने वाले पाठकों के लिए भी प्रासंगिक है।
स्रोत
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