ग्रिफिन-1 लैंडर से जुड़ा एनडीएल, दक्षिणी ध्रुव उड़ान जल्द

नेविगेशन डॉपलर लाइडार (एनडीएल) ग्रिफिन-1 लैंडर का अभिन्न अंग बन गया है, जो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। यह लेज़र-आधारित उपकरण अवतरण के दौरान लगातार गति और ऊंचाई का पता लगाएगा और उड़ान कंप्यूटर को सटीक वेग व दिशा की जानकारी देगा। नासा के निवेश से इसका वाणिज्यिक उत्पाद में रूपांतरण हुआ है।

  • एनडीएल उड़ान कंप्यूटर को सतह के सापेक्ष वेग, दिशा और ऊंचाई बताता है।
  • ग्रिफिन-1 लैंडर में एनडीएल भू-भाग सापेक्ष नेविगेशन और खतरे की पहचान के पेलोड के साथ जुड़ा है।
  • एनडीएल के एकीकरण का यथार्थवादी परिस्थितियों में परीक्षण किया गया है।
  • नासा के निवेश ने एनडीएल को वाणिज्यिक उत्पाद बनाने में मदद की है।
  • ग्रिफिन-1 लैंडर की आगामी उड़ान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अवतरण के लिए है।

क्या हुआ

नेविगेशन डॉपलर लाइडार (एनडीएल) को ग्रिफिन-1 लैंडर में एकीकृत कर लिया गया है। यह प्रणाली चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर इस लैंडर के अवतरण के लिए एक अहम संवेदक के रूप में काम करेगी।

हम क्या जानते हैं

नेविगेशन डॉपलर लाइडार (एनडीएल) को ग्रिफिन-1 लैंडर के साथ एकीकृत कर दिया गया है, जो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। यह लैंडर के अवतरण की धारणा का एक प्रमुख हिस्सा है और इसमें भू-भाग सापेक्ष नेविगेशन और खतरे की पहचान का पेलोड शामिल है।

एनडीएल लेजर स्पंदों और डॉपलर प्रभाव का उपयोग करके सतह के सापेक्ष गति को ट्रैक करता है। यह अवतरण के दौरान लगातार गति और ऊंचाई का पता लगाता है तथा उड़ान कंप्यूटर को लैंडर का सतह के सापेक्ष वेग और दिशा बताता है। यह छोटा, हल्का और कुशल उपकरण है।

इसे नासा के लैंगली अनुसंधान केंद्र में विकसित किया गया और नासा के अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी मिशन निदेशालय (STMD) ने इसका पोषण किया।

इस एकीकरण का यथार्थवादी परिस्थितियों में परीक्षण किया गया है। एनडीएल भू-भाग सापेक्ष नेविगेशन और खतरे की पहचान के साथ एकीकृत होता है, और नासा के निवेश ने इसे एक वाणिज्यिक उत्पाद में बदलने में सहायता की है।

यह क्यों अहम है

चंद्र उद्योग पर नज़र रखने वालों के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि एनडीएल एक छोटा, हल्का और कुशल लाइडार है जो भविष्य के सटीक चंद्र अवतरणों का मार्ग प्रशस्त करता है। नासा के निवेश से इसका वाणिज्यिक उत्पाद में बदलाव यह दर्शाता है कि एजेंसी निजी लैंडर मिशनों के लिए प्रमुख प्रौद्योगिकियाँ उपलब्ध करा रही है, जिससे दक्षिणी ध्रुव जैसे चुनौतीपूर्ण स्थलों पर सुरक्षित उतरना संभव हो सके।

आगे क्या

ग्रिफिन-1 लैंडर की आगामी उड़ान होनी है।

हम किन बातों को लेकर निश्चित नहीं हैं

  • ग्रिफिन-1 की आगामी उड़ान की तिथि की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

स्रोत

  1. 1.Astrobotic news

यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है