आर्निया मॉन्स क्लाउड और मार्स एक्सप्रेस माइलस्टोन दर्ज

  • आर्निया मॉन्स एलोंगेटेड क्लाउड (AMEC) मंगल का जल-बर्फ़ीला ओरोग्राफिक बादल है।
  • यह बादल 1,800 किमी तक लंबा हो सकता है और इसका चक्र कई महीनों तक हर सुबह दोहरता है।
  • आर्निया मॉन्स 20 किमी ऊँचा है और मंगल पर तापमान 10 मिनट में 30 डिग्री गिर सकता है।
  • मॉडलिंग के अनुसार इस बादल के निर्माण में समांगी न्यूक्लिएशन और असामान्य भौतिकी की ज़रूरत होती है।

क्या हुआ

मंगल पर आर्निया मॉन्स एलोंगेटेड क्लाउड का विवरण दर्ज हुआ है। मार्स एक्सप्रेस से जुड़ा माइलस्टोन 2018 का है।

हम क्या जानते हैं

मार्स एक्सप्रेस से जुड़ा माइलस्टोन 2018 का है।

आर्निया मॉन्स एलोंगेटेड क्लाउड (AMEC) एक ओरोग्राफिक बादल है और यह जल-बर्फ़ीला है।

यह बादल 1800 किमी तक लंबा हो सकता है। इसका चक्र कई महीनों तक हर सुबह दोहराया जाता है।

आर्निया मॉन्स 20 किमी ऊँचा है। मंगल पर सापेक्ष आर्द्रता चरम स्तर तक पहुँच सकती है और तापमान 10 मिनट में 30 डिग्री गिरता है।

इस बादल का गठन समांगी न्यूक्लिएशन के जरिए होता है। मॉडलिंग में इसके निर्माण के लिए असामान्य भौतिकी की आवश्यकता दिखी है।

यह क्यों अहम है

ये तथ्य मंगल पर जल-बर्फ़ीले बादलों, अत्यधिक सापेक्ष आर्द्रता और तेज़ तापमान गिरावट को दर्शाते हैं।

चंद्र उद्योग की निगरानी करने वाले पाठकों के लिए यह ग्रहीय वायुमंडल और बादल भौतिकी की समझ से जुड़ा है।

स्रोत

  1. 1.ESA Space Science

यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है