जूस अंतरिक्ष यान ने पृथ्वी का दूसरा सफल फ्लाईबाय पूरा किया
8640 किमी की निकटतम दूरी पर पहुंचकर यान की गति 3.5 किमी/सेकंड बढ़ी और पथ 20 डिग्री घूम गया।
- जूस ने पृथ्वी की सतह से 8640 किलोमीटर दूर से अपना दूसरा फ्लाईबाय पूरा किया।
- इस फ्लाईबाय से यान की गति 3.5 किमी/सेकंड बढ़ी और प्रक्षेप पथ 20 डिग्री मुड़ गया।
- चंद्र क्षितिज पर नेविगेशन कैमरे के परीक्षण से ऑप्टिकल नेविगेशन तकनीक की जाँच हुई।
- अब यान कई दिनों तक पृथ्वी की मैग्नेटोटेल से गुज़ेगा, जिससे वैज्ञानिक अध्ययन का मौका मिलेगा।
- जूस का अगला प्रमुख पड़ाव शुक्र फ्लाईबाय है, और जुलाई 2031 में बृहस्पति की कक्षा में प्रवेश लक्ष्य है।
क्या हुआ
ईएसए के जूस (Juice) अंतरिक्ष यान ने पृथ्वी का अपना दूसरा नजदीकी फ्लाईबाय सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। इस दौरान यह पृथ्वी की सतह से मात्र 8640 किलोमीटर दूर से गुज़रा, गति 3.5 किमी/सेकंड बढ़ी और प्रक्षेप पथ 20 डिग्री तक मुड़ गया।
हम क्या जानते हैं
जूस का यह दूसरा पृथ्वी फ्लाईबाय था, जो बृहस्पति की यात्रा के लिए गुरुत्वाकर्षण सहायता का हिस्सा है।
पृथ्वी की सतह से निकटतम दूरी 8640 किलोमीटर दर्ज की गई, गति में 3.5 किमी/सेकंड की बढ़ोतरी हुई और यान का पथ 20 डिग्री विक्षेपित हुआ।
इस फ्लाईबाय से पहले चार सप्ताह की अवधि में यान को केवल एक बार प्रक्षेपवक्र समायोजन की जरूरत पड़ी।
फ्लाईबाय के दौरान नेविगेशन कैमरे को चंद्र क्षितिज की ओर मोड़कर ऑप्टिकल नेविगेशन तकनीक का परीक्षण किया गया।
यान अब कई दिनों तक पृथ्वी की मैग्नेटोटेल से होकर गुज़रेगा, जिससे वैज्ञानिक अध्ययन का मौका मिलेगा।
ईएसए आने वाले हफ्तों में इस फ्लाईबाय की उच्च-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें और स्पेक्ट्रा सार्वजनिक करेगा।
जूस पर कुल दस वैज्ञानिक उपकरण लगे हैं, जिनमें से चार इतालवी योगदान से बने हैं।
यह क्यों अहम है
यह फ्लाईबाय जूस के लिए ईंधन-बचत रणनीति का अहम अंग है, जो यान को सही दिशा और गति देकर बृहस्पति तक पहुंचाएगी। मैग्नेटोटेल से गुज़रते हुए एकत्र आंकड़े पृथ्वी के चुंबकीय वातावरण की समझ बढ़ाएंगे। वहीं चंद्र क्षितिज पर किए गए कैमरा परीक्षण भविष्य के मिशनों के लिए स्वायत्त नेविगेशन की क्षमता को प्रदर्शित करते हैं।
पृष्ठभूमि
जूस (Jupiter Icy Moons Explorer) अप्रैल 2023 में फ्रेंच गयाना के कौरू अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च हुआ था। इससे पहले अगस्त 2024 में इसने पहला संयुक्त चंद्रमा-पृथ्वी फ्लाईबाय किया था। आगे इसे शुक्र के पास से भी गुज़रना है।
आगे क्या
जूस का अगला प्रमुख पड़ाव शुक्र के निकट फ्लाईबाय होगा। मिशन में कुल छह नेविगेशन विंडो निर्धारित हैं, और इसके बाद जनवरी 2029 में एक और मील का पत्थर, तथा जुलाई 2031 में बृहस्पति की कक्षा में प्रवेश का लक्ष्य है।
स्रोत
यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है