ताइयुआन से PIESAT-2 13–16 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण
- ताइयुआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से लॉन्ग मार्च-2डी रॉकेट ने PIESAT-2 13-16 उपग्रहों को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया।
- यह प्रक्षेपण लॉन्ग मार्च श्रृंखला की 668वीं उड़ान थी।
- लॉन्ग मार्च-2डी सामान्य तापमान वाले तरल ईंधन वाला दो-चरणीय प्रक्षेपण यान है, जिसका विकास अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समूह के आठवें संस्थान ने किया।
- 700 किमी सूर्य-समकालिक वृत्ताकार कक्षा में लॉन्ग मार्च-2डी की क्षमता 1.3 टन है और यह एकल तथा बहु-उपग्रह प्रक्षेपण कर सकता है।
- रिपोर्ट में चंद्रमा से जुड़ा कोई सत्यापित विवरण नहीं है।
क्या हुआ
ताइयुआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से लॉन्ग मार्च-2डी रॉकेट ने PIESAT-2 13–16 उपग्रहों को प्रक्षेपित किया। मिशन पूर्ण सफल रहा और उपग्रह पूर्वनिर्धारित कक्षा में स्थापित हुए।
हम क्या जानते हैं
प्रक्षेपण स्थल ताइयुआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र था और पेलोड के रूप में PIESAT-2 13–16 उपग्रह थे।
मिशन की स्थिति पूर्ण सफलता रही और उपग्रह पूर्वनिर्धारित कक्षा में पहुँचे।
लॉन्ग मार्च-2डी का समग्र विकास अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समूह के आठवें संस्थान ने किया; यह सामान्य तापमान वाले तरल ईंधन वाला दो-चरणीय प्रक्षेपण यान है।
इसे उच्च विश्वसनीयता, अच्छी किफायत और मजबूत अनुकूलनशीलता वाला बताया गया है, तथा यह विभिन्न कक्षा आवश्यकताओं के तहत एकल और बहु-उपग्रह प्रक्षेपण कर सकता है।
700 किमी सूर्य-समकालिक वृत्ताकार कक्षा में इसकी क्षमता 1.3 टन है, और यह लॉन्ग मार्च श्रृंखला की 668वीं उड़ान थी।
यह क्यों अहम है
चंद्र उद्योग पर नज़र रखने वाले पाठकों के लिए इस रिपोर्ट में चंद्रमा से जुड़ा कोई सत्यापित विवरण नहीं है। इसका महत्व सत्यापित प्रक्षेपण क्षमता तक सीमित है: लॉन्ग मार्च-2डी बहु-उपग्रह प्रक्षेपण कर सकता है और लॉन्ग मार्च श्रृंखला की यह 668वीं उड़ान थी।
स्रोत
यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है