वॉयजर 1 2026-11-18 को एक प्रकाश-दिन की दूरी पार करेगा

वॉयजर 1 के एक प्रकाश-दिन माइलस्टोन, गोल्डन रिकॉर्ड और नासा के डीप स्पेस नेटवर्क से संचार की संक्षिप्त रिपोर्ट।

  • 18 नवंबर 2026 को वॉयजर 1 एक प्रकाश-दिन की दूरी पार करने का माइलस्टोन दर्ज करेगा।
  • वॉयजर 1 और वॉयजर 2 1977 में लॉन्च हुए थे, और दोनों यान हेलियोपॉज़ पार कर चुके हैं।
  • नासा का डीप स्पेस नेटवर्क इन यानों से दूर-अंतरिक्ष संचार और ट्रैकिंग करता है।
  • वॉयजर 1 पर गोल्डन रिकॉर्ड में 55 भाषाएँ, 27 ट्रैक, 116 छवियाँ और 14 पल्सर हैं।

क्या हुआ

वॉयजर 1 के लिए एक प्रकाश-दिन की दूरी पार करने का माइलस्टोन दर्ज है। यह माइलस्टोन 2026-11-18 को दिया गया है।

हम क्या जानते हैं

वॉयजर 1 और वॉयजर 2 का लॉन्च 1977 में हुआ। इनसे जुड़ा ग्रहीय संरेखण 175 वर्ष में एक बार आने वाला बताया गया है और 6 असिस्ट दर्ज हैं।

ग्रैंड टूर में गैस और आइस दिग्गजों के निकट से दृश्य तथा कई चंद्रमा शामिल थे। शनि के पास दोनों यान अलग हुए और वॉयजर 2 यूरेनस व नेपचून की ओर बढ़ा।

वॉयजर 1 से जुड़ा सौर मंडल चित्रण बुध और मंगल को छोड़कर है। पेल ब्लू डॉट की अंतिम छवि भी वॉयजर 1 से जुड़ी है।

गोल्डन रिकॉर्ड में 12 इंच का फोनोग्राफ रिकॉर्ड, 55 भाषाएँ, 27 ट्रैक, 116 छवियाँ और पृथ्वी की अन्य ध्वनियाँ हैं। इसमें 14 पल्सर और इसे चलाने के निर्देश भी हैं।

सूचना को अंतरिक्ष विकिरण से बचाने के लिए विभिन्न धातुओं का उपयोग किया गया। तांबे और सोने की प्लेटिंग, कवर में एल्यूमीनियम तथा कवर पर युरेनियम-238 की इलेक्ट्रोप्लेटिंग दी गई है; युरेनियम-238 के लिए 4468000000 वर्ष का मान है।

वॉयजर 1 और वॉयजर 2 ने हेलियोपॉज़ पार किया है; यह वह सीमा है जहाँ सूर्य की सौर हवा अंतरतारकीय माध्यम से मिलती है। नासा के डीप स्पेस नेटवर्क के जरिए पृथ्वी दोनों यानों से संचार करती है और प्रत्येक को ट्रैक करती है। वॉयजर 1 के लिए 49 वर्ष और 16100000000 मील का उल्लेख है।

यह क्यों अहम है

ये तथ्य नासा की दूर-अंतरिक्ष संचार और ट्रैकिंग, हेलियोपॉज़ सीमा तथा प्रकाश-आधारित दूरी मापन को दिखाते हैं। चंद्रमा से आगे के संचालन की निगरानी में ऐसे दूरी और संचार संकेतों की समझ उपयोगी होती है।

आगे क्या

वॉयजर 1 के लिए आगे 2026-11-18 को एक प्रकाश-दिन की दूरी पार करने का माइलस्टोन दिया गया है।

स्रोत

  1. 1.NASA News Releases

यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है