सैन मैरीनो आर्टेमिस एकोर्ड्स का 76वां हस्ताक्षरकर्ता बना
- सैन मैरीनो ने रिमिनी में हस्ताक्षर कर आर्टेमिस एकोर्ड्स का 76वां हस्ताक्षरकर्ता बन गया।
- रॉसैनो फैब्री ने सैन मैरीनो की ओर से हस्ताक्षर किए, जबकि ग्रेगरी मान और जोसेफ टोरेला भी समारोह में शामिल हुए।
- राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से लगभग एक-तिहाई हस्ताक्षरकर्ता शामिल हुए हैं।
- नासा ने सभी आर्टेमिस एकोर्ड्स हस्ताक्षरकर्ताओं को चंद्रमा पर वापसी में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।
- आर्टेमिस एकोर्ड्स 2020 में नासा, स्टेट डिपार्टमेंट और सात संस्थापक देशों द्वारा स्थापित किए गए थे।
क्या हुआ
सैन मैरीनो आर्टेमिस एकोर्ड्स का 76वां हस्ताक्षरकर्ता बन गया है।
हस्ताक्षर समारोह रिमिनी में हुआ।
हम क्या जानते हैं
समारोह रिमिनी में आयोजित हुआ। रॉसैनो फैब्री ने सैन मैरीनो की ओर से हस्ताक्षर किए। ग्रेगरी मान और जोसेफ टोरेला भी समारोह में शामिल हुए। सैन मैरीनो भविष्य में भागीदारी की ओर देख रहा है।
आर्टेमिस एकोर्ड्स में अब 76 देश हैं। सैन मैरीनो 76वां हस्ताक्षरकर्ता है। अल्बानिया, क्रोएशिया, कोत दिव्वोआर और सैन मैरीनो को हस्ताक्षरकर्ता के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से लगभग एक-तिहाई हस्ताक्षरकर्ता शामिल हुए हैं। दुनिया के लगभग 40% देश सहयोग कर रहे हैं। आउटर स्पेस ट्रीटी के हस्ताक्षरकर्ताओं में से लगभग दो-तिहाई ने आर्टेमिस एकोर्ड्स पर हस्ताक्षर किए हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने नासा को चंद्रमा पर आधार बनाने और चंद्र सतह पर स्थायी उपस्थिति स्थापित करने का निर्देश दिया है। नासा ने सभी आर्टेमिस एकोर्ड्स हस्ताक्षरकर्ताओं को चंद्रमा पर वापसी में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।
आर्टेमिस एकोर्ड्स की शुरुआत 2020 में हुई। इन्हें नासा, स्टेट डिपार्टमेंट और सात संस्थापक देशों ने स्थापित किया था। इन्हें व्यावहारिक सिद्धांतों का पहला सेट बताया गया है।
एकोर्ड्स के तहत शांतिपूर्ण और पारदर्शी अन्वेषण, आवश्यकता पड़ने पर सहायता, वैज्ञानिक डेटा तक पहुंच, दूसरों की गतिविधियों में हस्तक्षेप न करने और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों व कलाकृतियों की सुरक्षा के लिए सर्वोत्तम प्रथाएं विकसित करने की बात कही गई है।
नासा की चंद्रमा पर वापसी में वैज्ञानिक पेलोड, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और क्यूबसैट शामिल हैं।
हस्ताक्षरकर्ता साल में दो बार बैठक करते हैं और वर्ष भर वर्चुअल सत्र भी जोड़े गए हैं। उन्होंने गैर-हस्तक्षेप, इंटरऑपरेबिलिटी, वैज्ञानिक डेटा साझाकरण और पंजीकरण प्रथाओं पर सिफारिशें आगे बढ़ाई हैं। इस वर्ष दो बड़ी कार्यशालाओं से तकनीकी तालमेल मजबूत हुआ और नियोजित चंद्र लैंडिंग तथा कक्षीय मिशनों की समीक्षा की गई।
यह क्यों अहम है
चंद्र उद्योग पर नजर रखने वालों के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आर्टेमिस एकोर्ड्स में 76 देश शामिल हो चुके हैं और नासा ने सभी हस्ताक्षरकर्ताओं को चंद्रमा पर वापसी में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।
हस्ताक्षरकर्ता बनना नासा के साथ भविष्य के चंद्र अन्वेषण का द्वार खोलता है, और सैन मैरीनो भविष्य में भागीदारी की ओर देख रहा है। एकोर्ड्स के सिद्धांत शांतिपूर्ण अन्वेषण, वैज्ञानिक डेटा तक पहुंच, गैर-हस्तक्षेप और ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा से जुड़े हैं।
स्रोत
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