इसपेस और एरियनग्रुप ने चंद्र सहयोग का एमओयू किया
- इसपेस और एरियनग्रुप ने अंताल्या में चंद्र अंतरिक्ष यानों और मिशनों पर सहयोग के लिए एमओयू किया।
- एरियनग्रुप ULTRA चंद्र लैंडरों के पेलोड के लिए पल्सिंग थ्रस्टर और RCS थ्रस्टर हार्डवेयर दे रहा है।
- एरियनग्रुप को चंद्र लैंडर मिशनों के लिए असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग सेवाएं देने का अनुबंध मिला है।
- इसपेस-यूरोप और एरियनग्रुप को ESA ने एक पायलट चरण में संयुक्त रूप से चुना है।
क्या हुआ
इसपेस और एरियनग्रुप ने 6 अक्टूबर 2026 को एक समझौता ज्ञापन की घोषणा की। यह ढांचा वर्तमान और भविष्य के चंद्र अंतरिक्ष यानों व मिशनों के लिए विस्तारित सहयोग तलाशने से जुड़ा है।
हम क्या जानते हैं
समझौता ज्ञापन की घोषणा 6 अक्टूबर 2026 को हुई और यह तुर्किए के अंताल्या में हस्ताक्षरित हुआ।
यह ढांचा मौजूदा और आगामी चंद्र अंतरिक्ष यानों तथा मिशनों के लिए विस्तारित सहयोग की संभावनाएं तलाशने के लिए है।
इसपेस-यूरोप और इसपेस-यू.एस. इस समझौते के सह-हस्ताक्षरकर्ता हैं।
ULTRA चंद्र लैंडरों के पेलोड में एरियनग्रुप के पल्सिंग थ्रस्टर और रिएक्शन कंट्रोल सिस्टम (RCS) थ्रस्टर हार्डवेयर शामिल हैं।
एरियनग्रुप को असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग (AIT) सेवाएं देने के लिए अनुबंधित किया गया है।
दोनों पक्ष मिशन 1 के लिए एरियनग्रुप की लैम्पोल्ड्सहाउसेन सुविधा में प्रणोदन घटकों और AIT पर सहयोग कर चुके हैं।
इसपेस और एरियनग्रुप स्थिर लैंडर उत्पादन और लक्षित लॉन्च आवृत्ति के समर्थन के लिए दीर्घकालिक व्यावसायिक समझौतों पर विचार कर रहे हैं।
इसपेस-यूरोप और एरियनग्रुप को ESA ने एक पायलट चरण में भाग लेने के लिए संयुक्त रूप से चुना है।
यह क्यों अहम है
यह समझौता चंद्र लैंडरों के प्रणोदन घटकों और AIT सेवाओं में एरियनग्रुप की भूमिका को रेखांकित करता है।
दीर्घकालिक व्यावसायिक समझौतों की समीक्षा और ESA पायलट चरण में संयुक्त चयन, चंद्र मिशनों के उत्पादन और सहयोग संबंधी प्रक्रियाओं को दिखाते हैं।
स्रोत
यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है