ASI और CNR-INO का मध्य-अवरक्त क्वांटम संचरण शोध प्रकाशित
- ASI और CNR-INO का मध्य-अवरक्त क्वांटम संचार शोध Advanced Quantum Technologies जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
- मध्य-अवरक्त प्रकाश की तरंगदैर्ध्य दृश्य प्रकाश और टेलीकॉम लेज़रों से लंबी होती है।
- सिमुलेशन में धुंध और स्मॉग में एकल-फोटोन संचार अधिक विश्वसनीय पाया गया।
- शोध वायु और उपग्रहों तक सुरक्षित संचार तथा मध्य-अवरक्त क्रिप्टोग्राफिक कुंजी वितरण से जुड़ा है।
- साझेदारी में CNR, ASI, Università degli Studi di Firenze और QTI S.r.l. शामिल हैं।
क्या हुआ
CNR-INO और ASI की साझेदारी से जुड़ा शोध मध्य-अवरक्त क्वांटम संचरण की जांच करता है। यह शोध जर्नल Advanced Quantum Technologies में प्रकाशित हुआ है।
हम क्या जानते हैं
CNR-INO, ASI के साथ साझेदारी में इस शोध से जुड़ा है और यह संस्था CNR का हिस्सा है।
अध्ययन मध्य-अवरक्त क्वांटम संचरण पर केंद्रित है और परिणाम Advanced Quantum Technologies में जर्नल प्रकाशन के रूप में आए हैं।
मध्य-अवरक्त प्रकाश मानव आँख को नहीं दिखता और इसकी तरंगदैर्ध्य दृश्य प्रकाश तथा टेलीकॉम लेज़रों से लंबी है।
मध्य-अवरक्त क्षेत्र में वायुमंडलीय संचरण खिड़कियाँ हैं, जहाँ वायुमंडल अपेक्षाकृत कम बाधा डालता है। सिमुलेशन में एकल-फ़ोटोन संचरण धुंध और स्मॉग में अधिक विश्वसनीय पाया गया।
शोध वायु और उपग्रहों तक सुरक्षित संचरण से जुड़ा है; इसमें CNR, ASI, Università degli Studi di Firenze और QTI S.r.l. की साझेदारी शामिल है।
मध्य-अवरक्त क्रिप्टोग्राफिक कुंजी वितरण से जुड़ा है; क्रिप्टोग्राफिक कुंजियाँ संचार की रक्षा करती हैं।
यह क्यों अहम है
क्वांटम संचारण को तथ्यों में अंतरिक्ष क्षेत्र और साइबर सुरक्षा की उन्नत सीमा बताया गया है। चंद्र उद्योग पर नज़र रखने वाले पाठकों के लिए यह प्रासंगिक है क्योंकि इसमें उपग्रहों तक सुरक्षित संचरण और क्वांटम कुंजी वितरण का जिक्र है।
मध्य-अवरक्त तरंगदैर्ध्य लंबी दूरी के ऑप्टिकल संचार के लिए संभावित लाभ दे सकती है, और सिमुलेशन धुंध तथा स्मॉग में विश्वसनीयता का संकेत देते हैं।
स्रोत
यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है