जिबूती ने आर्टेमिस एकोर्ड्स पर हस्ताक्षर किए

  • जिबूती ने आर्टेमिस एकोर्ड्स पर हस्ताक्षर कर इसमें शामिल 72वां देश बन गया।
  • आर्टेमिस एकोर्ड्स में शामिल होने वाला जिबूती आठवां अफ्रीकी देश है।
  • जिबूती का राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रम 2020 में शुरू हुआ और उसके दो मिशन कक्षा में पहुंच चुके हैं।
  • जिबूती 1ए और जिबूती 1बी मिशन 2023 और 2024 में वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से फाल्कन 9 पर प्रक्षेपित हुए।

क्या हुआ

जिबूती गणराज्य ने आर्टेमिस एकोर्ड्स पर हस्ताक्षर किए हैं। वह इस समझौते में शामिल होने वाला 72वां देश बन गया है।

हम क्या जानते हैं

जिबूती आर्टेमिस एकोर्ड्स में शामिल होने वाला 72वां देश है। वह आर्टेमिस एकोर्ड्स में शामिल आठवां अफ्रीकी देश भी है।

जिबूती की ओर से मोहामेद सियाद दौआले ने हस्ताक्षर किए। फ्रैंक गार्सिया उस कार्यक्रम में शामिल हुए।

आर्टेमिस एकोर्ड्स व्यावहारिक सिद्धांतों का पहला सेट है। इनकी घोषणा 2020 में हुई थी।

नासा और स्टेट डिपार्टमेंट ने सात अन्य संस्थापक देशों के साथ मिलकर आर्टेमिस एकोर्ड्स की स्थापना की थी।

जिबूती का राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रम 2020 में शुरू हुआ। इसका प्रबंधन उच्च शिक्षा और अनुसंधान मंत्रालय के भीतर सेंटर फॉर स्टडीज एंड रिसर्च ऑफ जिबूती करता है।

जिबूती 1ए 2023 में और जिबूती 1बी 2024 में कक्षा में पहुंचे। दोनों कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से फाल्कन 9 पर प्रक्षेपित हुए।

यह क्यों अहम है

चंद्र उद्योग पर नजर रखने वाले पाठकों के लिए, आर्टेमिस एकोर्ड्स का 72 देशों तक विस्तार और आठ अफ्रीकी देशों की भागीदारी इस दायरे को दिखाती है।

जिबूती का राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रम 2020 में शुरू हुआ और उसके दो मिशन कक्षा में पहुंच चुके हैं। यह एकोर्ड्स में शामिल देशों की बढ़ती विविधता को रेखांकित करता है।

यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है