नासा ने तीन नई वैज्ञानिक पेलोड सूट्स चुने
- NASA ने तीन नए वैज्ञानिक चंद्र पेलोड सूट्स चुने हैं, जो CLPS के जरिए चंद्रमा की सतह पर भेजे जाएंगे।
- तीनों पेलोड PRISM कार्यक्रम के तहत चुने गए हैं और आर्टेमिस/मून बेस को सहारा देंगे।
- DISCO चंद्र माइक्रो-कोल्ड ट्रैप्स में बर्फ़ का पहला प्रत्यक्ष ज़मीनी मापन करेगा।
- GIMLI मारियस हिल्स पिट में उतरेगा और भूमिगत लावा ट्यूबों को स्कैन करेगा।
- LEMS-SP माइक्रोमेटियोरोइड और वाष्पशील पदार्थों से जुड़े पर्यावरणीय खतरों पर नज़र रखेगा।
क्या हुआ
नासा ने तीन नई वैज्ञानिक जाँच एवं पेलोड सूट्स चुने हैं। इन्हें CLPS के जरिए चंद्रमा की सतह पर पहुँचाया जाएगा।
हम क्या जानते हैं
पेलोड सूट्स PRISM कार्यक्रम के तहत चुने गए हैं; PRISM एक नासा कार्यक्रम है।
इन पेलोड सूट्स को CLPS द्वारा उड़ाया जाएगा और ये चंद्र सतह पर पहुँचेंगे। ये मून बेस कार्यक्रम का हिस्सा हैं, जो नासा का कार्यक्रम है।
पेलोड चंद्र संसाधनों, प्राकृतिक आश्रयों और पर्यावरणीय खतरों पर केंद्रित हैं। ये आर्टेमिस और मून बेस कार्यक्रमों का समर्थन करेंगे।
मून बेस कार्यक्रम को मानवता की पहली चंद्र चौकी के रूप में वर्णित किया गया है। CLPS पहल इस कार्यक्रम का समर्थन करती है और नासा की पहल है।
LEMS-SP एक दीर्घकालिक पर्यावरणीय और खतरा निगरानी केंद्र है। यह गिरते माइक्रोमेटियोरोइड और वाष्पशील पदार्थों से जुड़ा है, और इसमें शॉर्ट-पीरियड सिस्मोमीटर होगा। इसके प्रमुख अन्वेषक डॉ. मेहदी बेन्ना हैं और संस्था यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैरीलैंड, बाल्टीमोर काउंटी है।
GIMLI चंद्र सतह पर मारियस हिल्स पिट में उतरेगा। यह भूमिगत लावा ट्यूबों और चंद्र ज्वालामुखीय प्रक्रियाओं को स्कैन करेगा। इसके प्रमुख अन्वेषक डॉ. नाथनिएल पुटज़िग हैं और संस्था प्लैनेटरी साइंस इंस्टीट्यूट है।
DISCO चंद्र माइक्रो-कोल्ड ट्रैप्स में बर्फ़ पर काम करेगा और बर्फ़ के पहले प्रत्यक्ष ज़मीनी मापन करेगा। यह चंद्र सतह व्यवहार और बर्फ़ वितरण का अध्ययन करते हुए मून बेस की सतह संचालन और बर्फ़ उपयोग का आधार तैयार करेगा। इसके प्रमुख अन्वेषक डॉ. एरियल ड्यूश हैं और संस्था नासा एम्स रिसर्च सेंटर है, जो कैलिफ़ोर्निया के सिलिकॉन वैली में है।
यह क्यों अहम है
चंद्र उद्योग पर नज़र रखने वालों के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ये पेलोड चंद्र सतह पर संसाधनों, प्राकृतिक आश्रयों और पर्यावरणीय खतरों की जानकारी जुटाएँगे।
ये पेलोड आर्टेमिस और मून बेस कार्यक्रमों का समर्थन करेंगे, और इन्हें CLPS के जरिए उड़ाया जाएगा।
DISCO द्वारा बर्फ़ के पहले प्रत्यक्ष ज़मीनी मापन और संसाधन उपयोग की तैयारी मून बेस की सतह संचालन से जुड़ी है।
आगे क्या
चयनित पेलोड सूट्स को आगे CLPS का उपयोग करके उड़ाया जाएगा और चंद्र सतह पर पहुँचाया जाएगा।
स्रोत
यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है