NASA से जुड़ी लूनार ग्राउंडिंग चैलेंज ईएसडी समाधान मांगती है
- NASA की चंद्रमा दक्षिणी ध्रुव ESD शमन चुनौती डिज़ाइन और परिचालन समाधान खोजती है।
- चुनौती के लिए 150000 USD की फंडिंग और 15 जनवरी 2027 का माइलस्टोन है।
- चंद्र सतह पर प्राकृतिक चार्ज ब्लीड न होने से स्पेससूट पर इलेक्ट्रिक चार्ज का खतरा रहता है।
- चंद्र छाया और स्थायी छाया क्षेत्र (पीएसआर) ESD समस्या को बढ़ाते हैं।
क्या हुआ
NASA से जुड़ी लूनार ग्राउंडिंग चैलेंज चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ईएसडी शमन के लिए डिज़ाइन और परिचालन समाधान मांग रही है। इसके लिए 150000 USD की फंडिंग है।
हम क्या जानते हैं
चुनौती का संबंध चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव और ईएसडी शमन समाधान से है। यह डिज़ाइन और परिचालन समाधान खोज रही है, और इसके लिए 150000 USD की फंडिंग है।
चुनौती से जुड़ा यूआरएल https://work.crowdplat.com/challenge/lunar-grounding-challenge है।
स्पेससूट नेगेटिव पोटेंशियल में, स्थिर लैंडर हल्के पॉज़िटिव इलेक्ट्रिकल पोटेंशियल में और अंतरिक्ष यात्री हाई वोल्टेज कैपेसिटर स्थिति में बताया गया है। इलेक्ट्रोस्टैटिक डिस्चार्ज अत्यधिक वोल्टेज अंतर से शुरू होता है।
चंद्र सतह पर प्राकृतिक चार्ज ब्लीड तंत्र नहीं है। चंद्र छाया और स्थायी छाया क्षेत्र (पीएसआर) चार्जिंग समस्या बढ़ाते हैं।
ट्राइबोचार्जिंग और प्लाज़्मा चार्जिंग स्पेससूट पर इलेक्ट्रिक चार्ज पैदा करते हैं। तेज़ डिस्चार्ज से स्पेससूट की गिरावट और इलेक्ट्रिक शॉक का जोखिम है।
यह क्यों अहम है
NASA से जुड़ी यह चुनौती चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ईएसडी शमन के लिए डिज़ाइन और परिचालन समाधान खोजती है। चार्जिंग का जोखिम है क्योंकि चंद्र सतह पर प्राकृतिक चार्ज ब्लीड नहीं है, और छाया तथा स्थायी छाया क्षेत्र समस्या बढ़ाते हैं। तेज़ डिस्चार्ज से स्पेससूट की गिरावट और इलेक्ट्रिक शॉक का जोखिम है।
आगे क्या
चुनौती के लिए माइलस्टोन 15 जनवरी 2027 है।
स्रोत
यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है