गगनयान क्रू मॉड्यूल-सर्विस मॉड्यूल पृथक्करण परीक्षण पूरे
- गगनयान के क्रू और सर्विस मॉड्यूल के पृथक्करण परीक्षण पूरे हो गए हैं।
- यह परीक्षण तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में किया गया।
- परीक्षण में अंबिलिकल कनेक्शन काटते हुए क्रू-सर्विस मॉड्यूल पृथक्करण का अनुकरण किया गया।
- पृथक्करण प्रणाली के डिज़ाइन और क्रू मॉड्यूल के सबसिस्टमों की आघात-सहिष्णुता सत्यापित हुई।
- गगनयान का पहला चालक-रहित मिशन G1 2026 में प्रक्षेपित होना है।
क्या हुआ
गगनयान मिशन के क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल के बीच पृथक्करण के परीक्षण पूरे हो गए हैं।
ISRO की घोषणा की तारीख 16 अक्टूबर 2026 है। परीक्षण तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में किए गए।
हम क्या जानते हैं
गगनयान का ऑर्बिटल मॉड्यूल क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल से मिलकर बना है, और दोनों को पृथक्करण प्रणाली के माध्यम से जोड़ा जाता है।
प्रक्षेपण से पहले दोनों मॉड्यूल एकीकृत किए जाते हैं और कक्षीय चरण तक एक ही मॉड्यूल के रूप में रहते हैं; दोनों के बीच सर्विसिंग अंबिलिकल कनेक्शन से होती है।
पुनःप्रवेश से पहले क्रू मॉड्यूल को सर्विस मॉड्यूल से अलग किया जाना है। पृथक्करण की यह प्रक्रिया पायरोटेक्निक उपकरणों और जेटिसनिंग प्रणालियों से जुड़े कई क्रमबद्ध चरणों में होती है।
परीक्षण में अंबिलिकल कनेक्शन काटते हुए क्रू मॉड्यूल–सर्विस मॉड्यूल पृथक्करण का अनुकरण किया गया। इससे पृथक्करण प्रणाली के डिज़ाइन की पर्याप्तता और क्रू मॉड्यूल के महत्वपूर्ण सबसिस्टम की मजबूती व आघात-सहिष्णुता सिद्ध हुई।
क्रू मॉड्यूल में एवियोनिक्स, जड़त्वीय नेविगेशन, थर्मल सुरक्षा, अंबिलिकल शील्ड, पायरोटेक्निक्स, तापीय और आर्द्रता नियंत्रण शामिल हैं। परीक्षण स्थल विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर, तिरुवनंतपुरम था।
G1 के लिए क्रू मॉड्यूल–सर्विस मॉड्यूल पृथक्करण प्रणाली को लेकर विश्वास स्थापित हुआ है। यह मिशन चालक-रहित है और गगनयान का पहला चालक-रहित मिशन है; प्रक्षेपण 2026 में है।
यह क्यों अहम है
परीक्षण से पृथक्करण प्रणाली के डिज़ाइन की पर्याप्तता और क्रू मॉड्यूल के महत्वपूर्ण सबसिस्टम की आघात-सहिष्णुता सत्यापित हुई है।
यह सत्यापन G1 से पहले आया है; G1 गगनयान का पहला चालक-रहित मिशन है और उसका प्रक्षेपण 2026 में है।
आगे क्या
गगनयान का पहला चालक-रहित मिशन G1 2026 में प्रक्षेपित किया जाना है।
स्रोत
यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है