ISC2MIT-2026 NESAC में 2 दिवसीय आयोजन संपन्न
NESAC और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), अंतरिक्ष विभाग का संयुक्त आयोजन 22 और 23 अक्टूबर 2026 को हुआ; कार्यवाही जारी की गई।
- ISC2MIT-2026 का आयोजन 22 और 23 अक्टूबर 2026 को डॉ. के. कस्तूरीरंगन ऑडिटोरियम, NESAC में हुआ।
- ISRO और NESAC ने संयुक्त रूप से 2 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया, जिसका उद्घाटन डॉ. वी. नारायणन ने किया।
- कार्यक्रम में 6 विषयगत क्षेत्र, 30 सत्र, 2 प्लेनरी सत्र, 248 सारांश और 195 प्रतिभागी दर्ज थे।
- मंच मिशन आश्वासन, साइबर लचीलापन और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं पर चर्चा के लिए वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को जोड़ता है।
क्या हुआ
ISC2MIT-2026 का आयोजन 22 और 23 अक्टूबर 2026 को डॉ. के. कस्तूरीरंगन ऑडिटोरियम, NESAC में हुआ। यह 2 दिवसीय कार्यक्रम समाप्त हो गया। इसका विधिवत उद्घाटन डॉ. वी. नारायणन ने किया।
हम क्या जानते हैं
आयोजन 22 और 23 अक्टूबर 2026 को डॉ. के. कस्तूरीरंगन ऑडिटोरियम, NESAC में हुआ। इसे NESAC और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), अंतरिक्ष विभाग ने संयुक्त रूप से आयोजित किया।
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन डॉ. वी. नारायणन ने किया; वे अंतरिक्ष विभाग के सचिव और ISRO के अध्यक्ष हैं। उन्होंने रणनीतिक क्षेत्रों में IT की बढ़ती महत्ता पर जोर दिया।
डॉ. एस. पी. अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया; वे NESAC के निदेशक और सलाहकार समिति के अध्यक्ष हैं। श्री राजीव चेतवानी ने सभा को संबोधित किया; वे ISRO मुख्यालय में DISM के निदेशक और सलाहकार समिति के वैकल्पिक अध्यक्ष हैं।
डॉ. प्रकाश चौहान, निदेशक NRSC, ऑनलाइन जुड़े। ISC2MIT-2026 की कार्यवाही जारी की गई और सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार प्रदान किए गए। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दिब्यज्योति चूटिया ने दिया; वे आयोजन समिति के अध्यक्ष और NESAC में GID के प्रमुख हैं।
आयोजन 2 दिन का था; इसमें 6 विषयगत क्षेत्र, 30 सत्र, 2 प्लेनरी सत्र, 6 आमंत्रित व्याख्यान, 248 सारांश, 200 पेपर, 154 पेपर और 195 प्रतिभागी दर्ज हैं।
कार्यक्रम ने केंद्रों के बीच सहयोग, साइबर लचीलापन, मिशन आश्वासन और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत किया। यह वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी पेशेवरों के लिए हालिया प्रगति, शोध निष्कर्षों और परिचालन अनुभवों के साझाकरण का मंच था। माननीय अतिथियों ने अपने दृष्टिकोण साझा किए।
यह क्यों अहम है
चंद्र उद्योग की निगरानी करने वाले पाठकों के लिए यह आयोजन इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि इसने मिशन आश्वासन, साइबर लचीलापन और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत किया। ये तत्व अंतरिक्ष मिशनों की तकनीकी तैयारी और विश्वसनीयता से जुड़े हैं।
यह मंच वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी पेशेवरों को हालिया प्रगति, शोध निष्कर्ष और परिचालन अनुभव साझा करने के लिए जोड़ता है। माननीय अतिथियों के दृष्टिकोण और जारी कार्यवाही से तकनीकी स्थिति की झलक मिलती है।
हम किन बातों को लेकर निश्चित नहीं हैं
- तथ्यों में 200 और 154 दोनों पेपर संख्याएँ दी गई हैं; इन्हें बिना व्याख्या के रखा गया है।
- तथ्यों में चंद्र उद्योग का सीधा उल्लेख नहीं है; प्रासंगिकता मिशन आश्वासन और स्वदेशी क्षमताओं से जोड़ी गई है।
स्रोत
यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है