Aditya-L1 और Proba-3 का पहला संयुक्त सौर विश्लेषण प्रकाशित

  • VELC और ASPIICS के निचले सौर कोरोना के संयुक्त अवलोकन प्रकाशित हुए।
  • अध्ययन में 14 और 16 सितंबर 2025 के दो CME दर्ज हैं।
  • ASPIICS की तस्वीरें CME के आकार, गतिशीलता और द्रव्यमान का अनुमान लगाती हैं।
  • VELC ने शुरुआती विस्फोट पकड़े और 20 लाख डिग्री का परिणाम दर्ज किया।
  • संयुक्त माप आंतरिक कोरोना में CME द्रव्यमान, घनत्व और ऊर्जा को सीमित करते हैं।

क्या हुआ

Aditya-L1 और Proba-3 के पेलोड VELC और ASPIICS ने सौर कोरोना के संयुक्त अवलोकनों पर पहला विश्लेषण प्रकाशित किया है। यह अध्ययन Astronomy & Astrophysics में छपा है।

हम क्या जानते हैं

Aditya-L1 भारत का पहला समर्पित सौर मिशन है। इसका प्रक्षेपण 2 सितंबर 2023 को PSLV-C57 पर हुआ और यह सूर्य—पृथ्वी L1 बिंदु के चारों ओर हेलो कक्षा में है।

Proba-3 ESA का मिशन है। इसका प्रक्षेपण 5 दिसंबर 2024 को श्रीहरिकोटा से PSLV-XL पर हुआ। यह दुनिया का पहला प्रिसीजन फॉर्मेशन-फ्लाइंग मिशन है और कृत्रिम सूर्यग्रहण से जुड़ा है।

Aditya-L1 पर पेलोड VELC को IIA और ISRO ने विकसित किया है। इसके लिए 1.05 से 1.5 सौर त्रिज्या की सीमा और 5303 एंग्स्ट्रॉम का विनिर्देश दर्ज है।

Proba-3 पर पेलोड ASPIICS है। इसके लिए 1.1 से 3 सौर त्रिज्या की सीमा तथा श्वेत प्रकाश और 5303 एंग्स्ट्रॉम की हरी कोरोनल रेखा का विनिर्देश दर्ज है।

IIA की साझेदारी ने VELC और ASPIICS के अवलोकनों को जोड़ा। संयुक्त अवलोकनों में 2 CME दर्ज किए गए, जो 14 सितंबर 2025 और 16 सितंबर 2025 को देखे गए।

इन अवलोकनों में सौर कोरोना के लगभग समान हिस्से और निचले कोरोना में समान दृश्य क्षेत्र की पुष्टि दी गई है।

ASPIICS की स्पष्ट तस्वीरें CME के आकार, गतिशीलता और द्रव्यमान का अनुमान लगाने में सक्षम हैं। VELC ने विस्फोटों को शुरुआती चरण में पकड़ा और 2000000 डिग्री का परिणाम दर्ज किया।

VELC ने CME घनत्व और तापीय ऊर्जा के स्वतंत्र अनुमान दिए। संयुक्त अवलोकन आंतरिक कोरोना में CME द्रव्यमान, घनत्व और ऊर्जा-संबंधी आकलन को सीमित करते हैं। अध्ययन Astronomy & Astrophysics में प्रकाशित हुआ है।

यह क्यों अहम है

यह रिपोर्ट दिखाती है कि दो अलग मिशनों के पेलोड निचले कोरोना में एक साथ उपयोगी माप दे सकते हैं। इससे CME के द्रव्यमान, घनत्व और ऊर्जा को आंतरिक कोरोना में सीमित करने की क्षमता मिलती है।

चंद्र उद्योग पर नज़र रखने वाले पाठकों के लिए, यह सौर विस्फोटों के शुरुआती संकेतों और उनके द्रव्यमान, घनत्व, ऊर्जा जैसे मापों की जानकारी देता है।

स्रोत

  1. 1.ISRO Updates

यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है