प्रॉस्पेक्ट ड्रिल चंद्रमा पर जल-बर्फ खोज के लिए तैयार
- प्रॉस्पेक्ट ESA ड्रिल चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर स्थायी छायादार गड्ढों में जल-बर्फ खोजने के लिए तैयार है।
- 1 मीटर की ड्रिल अछूती मृदा से अक्षत नमूने निकालकर छोटी प्रयोगशाला में भेजेगी।
- यह मिशन इंट्यूटिव मशीन्स के नोवा-सी लैंडर, IM-4 और नासा की CLPS पहल से जुड़ा है।
- ड्रिल के लिए 2027 वर्ष निर्दिष्ट है और यह खनन नहीं, वैज्ञानिक विश्लेषण पर केंद्रित है।
क्या हुआ
प्रॉस्पेक्ट की ड्रिल को चंद्रमा की सतह के नीचे जल-बर्फ खोजने के लिए तैयार किया गया है। यह ESA मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर स्थायी रूप से छायादार गड्ढों के पास काम करेगा।
हम क्या जानते हैं
प्रॉस्पेक्ट एक ESA मिशन है और इसका पेलोड ड्रिल तथा विज्ञान प्रयोगशाला है।
मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा और स्थायी रूप से छायादार गड्ढों के पास काम करेगा।
ड्रिल 1 मीटर की है और जल-बर्फ के संकेत खोजकर नमूना निकालेगी; नमूना एक छोटी प्रयोगशाला में भेजा जाएगा।
यह अभियान चंद्रमा के सबसे ठंडे गड्ढों के पास पानी मिलने की पुष्टि करने के लिए है और चंद्रमा के खनन के बारे में नहीं है।
मिशन अछूती मृदा तक पहुँच और सटीक वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए अक्षत नमूनों की सुरक्षा पर केंद्रित है।
ड्रिल को उसी जैसे पैनल से तैनात किया गया है जिस पर वह उड़ान भरेगी; इसे लेओनार्डो ने बनाया है और यह इंट्यूटिव मशीन्स के नोवा-सी लैंडर से जुड़ी है।
यह IM-4 मिशन और नासा की CLPS पहल से जुड़ा है; ड्रिल के लिए 2027 वर्ष बताया गया है।
यह क्यों अहम है
यह मिशन चंद्रमा के सबसे ठंडे गड्ढों के पास पानी मिलने की पुष्टि करने के लिए है और जल-बर्फ की खोज से जुड़ा है।
यह अभियान खनन के बजाय वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए अछूती मृदा और अक्षत नमूनों पर केंद्रित है।
इसमें ESA, लेओनार्डो, इंट्यूटिव मशीन्स और नासा की CLPS पहल एक साथ जुड़ते हैं।
आगे क्या
आगे मिशन चंद्रमा की सतह तक पहुँचेगा; ड्रिल के लिए 2027 वर्ष निर्दिष्ट किया गया है।
स्रोत
यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है