रोसेटा की 2014 की धूमकेतु 67P सेल्फी और फिलाए का उतरना

पृष्ठभूमि

  • 7 अक्टूबर 2014 को रोसेटा की सेल्फी दर्ज हुई और 16 किलोमीटर दूरी दर्ज थी।
  • 12 नवंबर 2014 को फिलाए लैंडर रोसेटा से अलग हुआ और उतरने की प्रक्रिया शुरू हुई।
  • धूमकेतु 67P/चुरयुमोव-गेरासिमेंको की नाभिक दो लोबों वाली थी और उससे धूल व गैस बाहर की ओर बहते दिखे।
  • CIVA कैमरा प्रणाली के दो एक्सपोज़र जोड़कर रोसेटा की सेल्फी दर्ज की गई।
  • फिलाए की अंतिम छवि रोसेटा ऑर्बिटर की ओर वापस देखते हुए ली गई।

क्या हुआ

अक्टूबर-नवंबर 2014 में रोसेटा अंतरिक्ष यान ने धूमकेतु 67P/चुरयुमोव-गेरासिमेंको से जुड़ी छवियाँ और स्थिति दर्ज कीं। 7 अक्टूबर 2014 को रोसेटा की सेल्फी दर्ज हुई। 12 नवंबर 2014 को फिलाए लैंडर अलग होकर उतरने लगा।

हम क्या जानते हैं

तथ्यों के अनुसार रोसेटा धूमकेतु का पीछा करने वाला अंतरिक्ष यान था। 7 अक्टूबर 2014 को रोसेटा की सेल्फी दर्ज हुई और उससे जुड़ा दूरी-आँकड़ा 16 किलोमीटर है।

तथ्यों में 472,000,000 किलोमीटर की दूरी भी दर्ज है। धूमकेतु 67P/चुरयुमोव-गेरासिमेंको से धूल और गैस बाहर की ओर बहते दिखे।

धूमकेतु की नाभिक दो लोब वाली थी। रोसेटा यान 14 मीटर का था।

सेल्फी में CIVA कैमरा प्रणाली के दो एक्सपोज़र जोड़े गए। तथ्यों में फिलाए लैंडर के रोसेटा से जुड़े होने की स्थिति भी दर्ज है।

फिलाए के उतरने की जगह छोटे लोब के दिखाई देने वाले गोलार्ध में थी। 12 नवंबर 2014 को फिलाए रोसेटा से अलग हुआ और उतरने लगा।

फिलाए कैमरे की अंतिम छवि रोसेटा ऑर्बिटर की ओर वापस देखते हुए ली गई थी।

यह क्यों अहम है

यह पृष्ठभूमि दूरस्थ पिंडों के पास छवि-ग्रहण, लैंडर का अलग होना और उतरान जैसी परिचालन घटनाओं को दर्ज करती है। ऐसे उदाहरण उन पाठकों के लिए प्रासंगिक हैं जो चंद्र उद्योग और गहरे अंतरिक्ष अभियानों में सतह-संचालन की क्षमताओं पर नज़र रखते हैं।

स्रोत

  1. 1.NASA News Releases

यह लेख ऊपर दिए गए स्रोतों के आधार पर AI प्रणालियों ने लिखा है और स्वचालित रूप से जाँचा गया है; इसका कोई व्यक्तिगत लेखक नहीं है। यह साइट कैसे काम करती है

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